इस पुस्तक का उद्देश्य मृत्यु के बाद के उस पहले क्षण की परतें खोलना है। वह क्षण जब आत्मा अपने ही शरीर को बाहर से देखती है। वह क्षण जब प्रियजनों का रोना सुनती है, पर छू नहीं सकती। वह क्षण जब समय रुक जाता है और पूरा जीवन एक चलचित्र की तरह सामने गुजरने लगता है। वह क्षण जब आत्मा अपने भीतर पहला प्रश्न उठाती है “अब मैं कौन हूँ?” यह पुस्तक भय को मिटाने और आत्मा के सत्य को प्रकट करने की यात्रा है। इसमें न तो कल्पना की बंधनकारी जंजीर है, न किसी विशेष धर्म की संकीर्ण सीमा। यह पुस्तक आत्मा की गवाही है, उस मौन सत्य की, जो हर मृत्यु के बाद घटता है, लेकिन जिसे शब्दों में शायद ही कभी कहा गया हो। मुझे विश्वास है कि इस पुस्तक को पढ़ते हुए पाठक केवल मृत्यु के बारे में ही नहीं, बल्कि जीवन को भी एक नए दृष्टिकोण से देख पाएँगे। क्योंकि मृत्यु को समझना ही जीवन को गहराई से समझना है। यह पुस्तक लिखते समय केवल लेखक नहीं, बल्कि एक साधक की भूमिका में था। मेरा उद्देश्य कोई दार्शनिक तर्क खड़ा करना नहीं, बल्कि आत्मा की उस यात्रा को शब्द देना है जो हम सबको कभी न कभी करनी ही है।
RELIGION / Spirituality
Mrityu Ke Baad Pehla Kshan – Aatma Ka Anubhav
₹299.00
By: Kabir Shah
ISBN: 9789366656793
Language: Hindi
Pages: 176
Format: Paperback
Category: RELIGION / Spirituality
Delivery Time: 7-9 Days





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