“आलोक वाणी” केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन के विविध अनुभवों, सत्य और चेतना का एक गहन प्रतिबिंब है। इस काव्य-संग्रह में रचनाकार ने समाज, मानव स्वभाव, नैतिक मूल्यों और समय की विसंगतियों को सरल लेकिन प्रभावशाली शब्दों में अभिव्यक्त किया है। इन कविताओं में जीवन की क्षणभंगुरता, अहंकार का पतन, करुणा का महत्व, और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। लेखक ने प्रकृति, मानवीय संबंधों, और सामाजिक विडंबनाओं को प्रतीकों और बिंबों के माध्यम से इस तरह प्रस्तुत किया है कि पाठक सहज ही उनसे जुड़ जाता है। “आलोक वाणी” की विशेषता इसकी सादगी में छिपी गहराई है—जहाँ हर पंक्ति एक संदेश देती है और हर भाव एक नई सोच को जन्म देता है। यह संग्रह न केवल मन को स्पर्श करता है, बल्कि आत्ममंथन के लिए भी प्रेरित करता है।
POETRY / General
Alok Vani
₹199.00
By: Ras Vihari
ISBN: 9789366658537
Language: Hindi
Pages: 90
Format: Paperback
Category: POETRY / General
Delivery Time: 7-9 Days





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