कामशास्त्र – जीवन जीने की कला, मनुष्य का संपूर्ण जीवन चार पुरुषार्थों—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—की नींव पर आधारित है। इन चार स्तम्भों में से काम वह ऊर्जा है, जिस पर समस्त सृजन, प्रेम, आकर्षण, संबंध और मानव-जीवन की निरंतर धारा कायम है। परंतु आधुनिक युग का मनुष्य इस ऊर्जा को समझने के स्थान पर या तो इसे दमन कर देता है या इससे घृणा करने लगता है। परिणामस्वरूप मन के भीतर अशांति, अपराधबोध, अवसाद, भय, भ्रम और संघर्ष पैदा हो जाते हैं। जबकि भारतीय ऋषियों ने हजारों वर्ष पहले ही यह जान लिया था कि काम न तो पाप है, न बाधा; यह जीवन का स्वाभाविक, पवित्र और सृजनशील वेग है।
RELIGION / Philosophy
Kamashastra
₹250.00
By: Maharishi Shrenik
ISBN: 9789366651330
Language: Hindi
Pages: 126
Format: Paperback
Category: RELIGION / Philosophy
Delivery Time: 7-9 Days


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