मनुष्य सदियों से युद्ध करता आया है। इतिहास के पन्ने रक्त, विजय और पराजय की कथाओं से भरे पड़े हैं। राजाओं ने सीमाओं के लिए तलवार उठाई, धर्मों ने विचारों के लिए संघर्ष किया, समाजों ने सत्ता और मान्यता के लिए एक-दूसरे को चुनौती दी। परंतु यदि हम इन सभी बाहरी संघर्षों के पीछे की जड़ को खोजें, तो एक गहरी और मौन सच्चाई सामने आती है—सबसे बड़ा युद्ध कभी बाहर था ही नहीं।
RELIGION / Spirituality
Manushya Ke Bheetar Ka Yuddh – Sat Maha Paap aur Sat Mahagun
₹499.00
By: Kabir Shah
ISBN: 9789366659459
Language: English
Pages: 380
Format: Paperback
Category: RELIGION / Spirituality
Delivery Time: 7-9 Days





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