Hindi Aadhunik Kavita ka Itihaas: Ek Vaicharik Yatra (Bhag–1: Aadhunikta ka Uday – Navjagaran se Dwivedi Yug Tak)

550.00

By: Dr. Rupali Jhanjhot

ISBN: 9789366652818

Language: Hindi

Pages: 338

Format: Paperback

Category: Literary Criticism & History (Hindi Literature)

Delivery Time: 7-9 Days

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हिंदी साहित्य की आधुनिक काव्यधारा भारतीय समाज, संस्कृति, राष्ट्रीय चेतना और मानवीय मूल्यों के विकास का एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ है। यह केवल साहित्यिक परिवर्तन का इतिहास नहीं, बल्कि भारतीय समाज के बौद्धिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पुनर्जागरण की सजीव यात्रा भी है। प्रस्तुत पुस्तक “हिंदी आधुनिक कविता का इतिहास : एक वैचारिक यात्रा” (भाग–1 : आधुनिकता का उदय—नवजागरण से द्विवेदी युग तक) इसी परिवर्तनशील साहित्यिक यात्रा को समझने, विश्लेषित करने और उसके वैचारिक आधारों को स्पष्ट करने का एक विनम्र प्रयास है। उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध से लेकर बीसवीं शताब्दी के पूर्वार्ध तक का समय हिंदी साहित्य में व्यापक परिवर्तन का काल रहा। इस युग में अंग्रेज़ी शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मुद्रण-व्यवस्था का विस्तार, सामाजिक सुधार आंदोलनों, राष्ट्रीय चेतना तथा नवजागरण की प्रक्रियाओं ने साहित्य को नई दिशा प्रदान की। साहित्य अब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि वह समाज को जागृत करने, राष्ट्रीय चेतना का संचार करने और मानवीय मूल्यों की स्थापना का प्रभावी साधन बन गया। इसी कारण आधुनिक हिंदी कविता का अध्ययन केवल साहित्यिक दृष्टि से नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी अनिवार्य हो जाता है।

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