Aman

₹399.00

By: Ravishankar Saras

ISBN: 9789366659084

Language: Hindi

Pages: 338

Format: Paperback

Category: FICTION / Thrillers / Crime

Delivery Time: 7-9 Days

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दौलत……. शोहरत…… ताकत……. पुलिस अफसरों एवं मंत्रियों तक पहुंच के घमंड में चूर ठाकुर बलदेव सिंह, राणा सिंह यही सोचते थे कि सारी दुनिया उनकी मुट्ठी में है। ये चाहे जो भी करें, उनका कोई भी बाल बांका नहीं कर सकता। लेकिन जब एक दिन दस बारह साल के मासूम मोहन नाम के लड़के ने दिन दहाड़े सरेआम सबकी आँखों के सामने ठाकुर बलदेव सिंह की ऐसी कमर तोड़ी, जिसमें ठाकुर बलदेव सिंह को ऐसा लगा जैसे किसी ने उनके तलवों से जमीन ही खींच ली हो। उस लोमहर्षक जघन्य हत्याकाण्ड से पूरा पुलिस प्रशासन हिल सा गया था। किसी को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि भला दस बारह साल का मासूम बच्चा इतना बड़ा नृंशह हत्याकाण्ड कैसे कर सकता है…. .?…. लोग सोच भी नहीं पा रहे थे कि आखिर उस मासूम लड़के को ठाकुर बलदेव सिंह से क्या दुश्मनी हो सकती है….?… मोहन काण्ड पर काण्ड करके अपराध जगत के बड़े-बड़े सूरमाओं को पीछे ढकेल, पुलिस प्रशासन को नाकों चने चबवाने के लिए मजबूर कर दिया था। पुलिस ने मोहन को पकड़ने के लिए ऐड़ी से चोटी तक का जोर लगा दिया, शहर में चारो तरफ मोहन के पोस्टर, बैनर लगवा दिये, सरकार की ओर से लाखों रूपयों का ईनाम रखा गया, किन्तु मोहन को ढूंढ पाना तो बहुत दूर की बात, पुलिस मोहन का सुराग तक नहीं लगा सकी। रहस्य, रोमाँच, प्यार, प्रतिशोध की कहानी… ‘अमन’

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