“देखने वाला” उसी अदृश्य सत्ता की पुस्तक है— जो जन्म से मृत्यु तक हर भाव, हर विचार, हर लहर को देखता है, पर स्वयं किसी लहर से छूता नहीं। यह पुस्तक मनुष्य को उसके अंतरलोक, उसकी मूल चेतना, और उसके अनदेखे साक्षी-स्वरूप से परिचित कराती है।
SELF-HELP / Spiritual
Dekhne Wala: Wah jo sab dekhta hai par kabhi dikhta nahi
₹250.00
By: Kabir Shah
ISBN: 9789366655727
Language: Hindi
Pages: 150
Format: Paperback
Category: SELF-HELP / Spiritual
Delivery Time: 7-9 Days





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