Kavita Manjari (Adhyatmik Kavitayen)

199.00

By: Rishabh Vishwakarma

ISBN: 9789366653280

Language: Hindi

Pages: 68

Format: Paperback

Category: POETRY / General

Delivery Time: 7-9 Days

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यह मेरे द्वारा रचित कविता मञ्जरी है। इसमें ईश्वर के प्रति भक्ति और अन्य भावों को व्यक्त किया है। इसमें संपूर्ण कविता आध्यात्मिक कविता है, जो नाना प्रकार के स्तुतियों की व्याख्या करता है। ईश्वर के समक्ष अपने भावों को प्रकट करना और स्तुति गाकर उनको प्रसन्न कर अपनी इच्छाओं की पूर्ति हेतु इस कविता मञ्जरी की रचना की है। इसमें सभी कविताएं भक्ति रस में रचा गया है, ताकि लोगों को ईश्वर के प्रति भक्ति भाव को जागरुक कर सकूँ। इस सम्पूर्ण जीवन में भक्ति ही सर्वश्रेष्ठ है, जो ईश्वर की आराधना कर अपने पुण्य अनुसार सभी कष्टों से मुक्ति पा सकता है। भक्ति का प्रभाव बहुत बड़ा है, जिसकी कल्पना करना बड़ा कठिन लगता है। जब भक्ति में प्रेम रस समावेश होकर उसमें मथता है तो वही भक्ति अमृत तुल्य हो जाता है और जीवन जीने हेतु अमृत ही चाहिए। वही पवित्र अमृत भक्ति रस में इस कविता मञ्जरी में है। इस कविता मञ्जरी को प्रेम पूर्वक गाइए, सुनिए और पूजा-पाठ में इसका उपयोग करिए। कविता मञ्जरी का प्रेम पूर्वक श्रवण करने से आध्यात्मिक सुख, शान्ति, समृद्धि और मुक्ति की प्राप्ति होती है। यह कविता मञ्जरी परम आनंद स्वरूप है, जीवन को आनंददायक बना सकता है। इसमें कोई सन्देह नहीं है।

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