यह पुस्तक किसी विश्वास को स्थापित करने के उद्देश्य से नहीं लिखी गई है और न ही इसका लक्ष्य किसी परंपरा को चुनौती देना है। यह ग्रंथ केवल एक मौलिक और ईमानदार प्रश्न से जन्मा है—देवता वास्तव में हैं कहाँ। यदि वे केवल आकाश में निवास करते हैं, तो मनुष्य का दैनिक जीवन उनसे इतना असंबद्ध क्यों प्रतीत होता है, और यदि वे मनुष्य के जीवन से सीधे जुड़े हुए हैं, तो फिर उन्हें केवल पूजा, मूर्ति और अनुष्ठान तक ही क्यों सीमित कर दिया गया है। वेदों में उल्लिखित “33 कोटि देवता” का उल्लेख कभी भी संख्या के रूप में नहीं किया गया। यहाँ “कोटि” का अर्थ करोड़ नहीं, बल्कि श्रेणी, प्रकार और तत्त्व है। देवता यहाँ व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वे वेदों की दृष्टि में ब्रह्मांडीय शक्तियाँ और नियम हैं, जिनके माध्यम से सृष्टि का संचालन होता है। समय का प्रवाह, परिवर्तन की प्रक्रिया, पोषण और क्षय, न्याय और मर्यादा, उपचार और पुनर्जनन—इन सभी के पीछे कोई न कोई तत्त्व सक्रिय है। वेद उन्हें देव कहते हैं, आधुनिक विज्ञान उन्हें प्राकृतिक नियम कहता है, और मनुष्य उन्हें प्रायः तब पहचानता है जब जीवन में असंतुलन उत्पन्न हो जाता है।
RELIGION / Spirituality
Tettis Koti Devta
₹250.00
By: Kabir Shah
ISBN: 9789366651583
Language: Hindi
Pages: 134
Format: Paperback
Category: RELIGION / Spirituality
Delivery Time: 7-9 Days





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