समाजशास्त्र वह विज्ञान है जो मानव समाज, सामाजिक संबंधों, सामाजिक संस्थाओं तथा सामाजिक प्रक्रियाओं का वैज्ञानिक अध्ययन करता है। मनुष्य स्वभाव से ही सामाजिक प्राणी हैं और रिश्तों, परंपराओं, मूल्यों और मानदंडों के दायरे में रहकर एक-दूसरे से बातचीत करते हैं। समाजशास्त्र इन सामाजिक तत्वों का अध्ययन करता है और आधुनिक दुनिया में इसके बढ़ते महत्व को उजागर करता है। औद्योगीकरण, शहरीकरण, वैश्वीकरण, तकनीकी प्रगति और सांस्कृतिक बदलावों के कारण समाज में तीव्र परिवर्तन हो रहा है, जिससे नई सामाजिक चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। इन मुद्दों को समझने, उनके कारणों का विश्लेषण करने और सार्थक समाधान विकसित करने के लिए समाजशास्त्र का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पुस्तक का उद्देश्य समाजशास्त्र की प्रमुख अवधारणाओं, सिद्धांतों और विषयों को स्पष्ट और व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि यह छात्रों, शोधकर्ताओं और आम पाठकों के लिए सुलभ हो सके। इसमें समाज, सामाजिक संरचना, सामाजिक समूह, संस्कृति, समाजीकरण, सामाजिक नियंत्रण, सामाजिक स्तरीकरण, सामाजिक परिवर्तन, सामाजिक गतिशीलता और सामाजिक मूल्यों जैसे मूलभूत विचारों को शामिल किया गया है और समाजशास्त्रियों के सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया गया है। यह पुस्तक विश्वविद्यालय के छात्रों, परीक्षार्थियों और समाजशास्त्र के प्रेमियों के लिए तैयार की गई है। यह बुनियादी समाजशास्त्रीय अवधारणाओं को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करती है, उदाहरणों और स्पष्टीकरणों का उपयोग करके विषय को स्पष्ट और रुचिकर बनाती है। पुस्तक की भाषा को सरल और सुलभ बनाने का प्रयास किया है ताकि इसे समझना आसान हो। अकादमिक गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रामाणिक संदर्भ ग्रंथों और समाजशास्त्रीय साहित्य को शामिल किया है।आशा है कि यह पुस्तक समाजशास्त्र के अध्ययन और अध्यापन में उपयोगी होगी, छात्रों और शोधकर्ताओं को प्रेरित करेगी और पाठकों की समाज की समझ को बढ़ाएगी।
SOCIAL SCIENCE / Sociology / General
Samajshastra ki Rooprekha
₹599.00
By: G. N. Mishra & Ruby Mishra
ISBN: 9789366657240
Language: Hindi
Pages: 412
Format: Paperback
Category: SOCIAL SCIENCE / Sociology / General
Delivery Time: 7-9 Days


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