इस लघु उपन्यास के सभी पात्र और घटनाएँ काल्पनिक हैं। मेरा इस रचना के माध्यम से किसी पुरुष को नीचा दिखाना या स्त्री को पुरुष से ऊपर साबित करना बिल्कुल भी उद्देश्य नहीं है। मेरा केवल इतना मानना है कि एक स्त्री को भी अपने सपने देखने, अपनी पहचान बनाने और अपने जीवन के फैसले स्वयं लेने का पूरा अधिकार होना चाहिए। समाज में अक्सर महिलाओं की भावनाओं, संघर्षों और उनके आत्मसम्मान को उतना महत्व नहीं दिया जाता जितना दिया जाना चाहिए। लेकिन जब एक महिला खुद अपने लिए खड़ी होती है, अपने डर और परिस्थितियों से लड़ते हुए आगे बढ़ने का साहस करती है, तभी दुनिया भी उसकी पहचान और उसकी काबिलियत को समझना शुरू करती है। “अंगना का मुखौटा” रिश्तों, भावनाओं, विश्वास और समाज के दिखावे के बीच एक ऐसी कहानी है जो यह बताने की कोशिश करती है कि हर इंसान अपने भीतर कई अनकहे दर्द और सच छुपाकर जीता है। यह पुस्तक किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की कहानी है जिन्होंने कभी ना कभी खुद को परिस्थितियों के पीछे छुपा हुआ महसूस किया है।
Women's Fiction / Social Fiction
Angna Ka Mukhauta (Laghu Upanyas)
₹150.00
By: Ayushi Dadheech
ISBN: 9789366650258
Language: Hindi
Pages: 52
Format: Paperback
Category: Women’s Fiction / Social Fiction
Delivery Time: 7-9 Days

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