इस पुस्तक को लिखने की आवश्यकता किसी विचार से नहीं, बल्कि एक अनुभवजन्य असहजता से उत्पन्न हुई है। वर्षों से यह देखा गया कि बगलामुखी का नाम लेते ही मनुष्य के भीतर या तो भय जाग उठता है, या फिर किसी प्रकार की अदृश्य शक्ति को साध लेने की आकांक्षा। इन दोनों ही स्थितियों में एक समान तत्व उपस्थित रहता है—अशांति। भय भी अशांति है, और शक्ति की लालसा भी अशांति। यह प्रस्तावना उसी अशांति को पहचानने का प्रयास है, क्योंकि जब तक अशांति को पहचाना नहीं जाता, तब तक शांति केवल एक कल्पना बनी रहती है। बगलामुखी को समझने का सबसे बड़ा भ्रम यही रहा है कि उन्हें या तो डर का स्रोत मान लिया गया, या विजय का साधन। इस पुस्तक की प्रस्तावना इसी भ्रम से बाहर निकलने का पहला द्वार है।
RELIGION / Spirituality
Baglamukhi: Stambhan ki Chetna
₹299.00
By: Kabir Shah
ISBN: 9789366650975
Language: Hindi
Pages: 208
Format: Paperback
Category: RELIGION / Spirituality
Delivery Time: 7-9 Days





Reviews
There are no reviews yet.