Baglamukhi: Stambhan ki Chetna

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(2 customer reviews)

299.00

By: Kabir Shah

ISBN: 9789366650975

Language: Hindi

Pages: 208

Format: Paperback

Category: RELIGION / Spirituality

Delivery Time: 7-9 Days

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इस पुस्तक को लिखने की आवश्यकता किसी विचार से नहीं, बल्कि एक अनुभवजन्य असहजता से उत्पन्न हुई है। वर्षों से यह देखा गया कि बगलामुखी का नाम लेते ही मनुष्य के भीतर या तो भय जाग उठता है, या फिर किसी प्रकार की अदृश्य शक्ति को साध लेने की आकांक्षा। इन दोनों ही स्थितियों में एक समान तत्व उपस्थित रहता है—अशांति। भय भी अशांति है, और शक्ति की लालसा भी अशांति। यह प्रस्तावना उसी अशांति को पहचानने का प्रयास है, क्योंकि जब तक अशांति को पहचाना नहीं जाता, तब तक शांति केवल एक कल्पना बनी रहती है। बगलामुखी को समझने का सबसे बड़ा भ्रम यही रहा है कि उन्हें या तो डर का स्रोत मान लिया गया, या विजय का साधन। इस पुस्तक की प्रस्तावना इसी भ्रम से बाहर निकलने का पहला द्वार है।

2 reviews for Baglamukhi: Stambhan ki Chetna

  1. Rated 5 out of 5

    Vinod

    Jai maa bagla Mukhi

  2. Rated 5 out of 5

    Vinod

    Jai maa bagla Mukhi

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