यह एक काल्पनिक कहानी है, जिसके सभी पात्र भी काल्पनिक हैं। कहानी भारत के दो पारंपरिक खेल — क्रिकेट और हॉकी — के इर्द-गिर्द घूमती है। इसका नायक अर्जुन एक ऐसा युवा है, जिसकी ज़िंदगी खेल के मैदान पर अपने अर्थ खोजती है। बचपन से क्रिकेट का दीवाना अर्जुन एक दिन चोट के कारण खेलने लायक नहीं बचता। यह हादसा उसकी दुनिया को हिला देता है, पर उसकी जिद और हौसला उसे टूटने नहीं देते। जीवन के कठिन मोड़ों पर जब सबकुछ खोया-सा लगता है, तभी अर्जुन की राह दोबारा हॉकी की ओर मुड़ती है। शुरुआत में मुश्किलें आती हैं, पर धीरे-धीरे हॉकी उसके जीवन का सहारा बन जाती है। यही खेल उसे नई पहचान, नया आत्मविश्वास और शोहरत की बुलंदी तक ले जाता है। “बॉल से स्टिक तक” अर्जुन के संघर्ष, समर्पण और आत्मविश्वास की कहानी है — जो यह संदेश देती है कि असली खिलाड़ी वही होता है जो हारकर भी हार न माने। खेल उसके लिए सिर्फ मैदान का नहीं, बल्कि जीवन का भी सबक बन जाता है।
SELF-HELP / Motivational & Inspirational
Ball Se Stick Tak: Do khelon ke beech insani jazbe ki kahani
₹450.00
By: Gunjan Kumar Jha
ISBN: 9789366652078
Language: Hindi
Pages: 314
Format: Paperback
Category: SELF-HELP / Motivational & Inspirational
Delivery Time: 7-9 Days





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