Devi Ki Nav Divya Shaktiyan

450.00

By: Kabir Shah

ISBN: 9789366654140

Language: Hindi

Pages: 322

Format: Paperback

Category: RELIGION / Spirituality

Delivery Time: 7-9 Days

Add to Wishlist
Add to Wishlist

“शक्ति बाहर से प्राप्त नहीं होती, वह भीतर से प्रकट होती है। देवी की उपासना का सर्वोच्च रूप वही है, जब मनुष्य अपने भीतर सोई हुई दिव्यता को पहचान ले।” सृष्टि के आरम्भ से ही मनुष्य शक्ति की खोज करता आया है। कभी उसने उसे प्रकृति में खोजा, कभी देवालयों में, कभी मंत्रों में और कभी कठिन साधनाओं में। युग बदलते गए, विचार बदलते गए, पूजा-पद्धतियाँ बदलती रहीं, किन्तु एक प्रश्न आज भी वैसा ही है—क्या वह शक्ति, जिसे हम देवी कहते हैं, केवल बाहर विराजमान है, या वह हमारे भीतर भी निवास करती है? इसी प्रश्न ने इस पुस्तक के जन्म को संभव बनाया। यह पुस्तक देवी की कथा नहीं है, न ही केवल उनके स्वरूपों का वर्णन है। यह पुस्तक मनुष्य के भीतर विद्यमान उन नौ दिव्य शक्तियों की खोज है, जो जीवन को भय से विश्वास, अज्ञान से विवेक, अशांति से मौन और सीमित चेतना से आत्मजागरण की ओर ले जाती हैं। इन शक्तियों को समझे बिना देवी को केवल पूजा जा सकता है, अनुभव नहीं।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Devi Ki Nav Divya Shaktiyan”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Cart
Scroll to Top
Form
Sign Up for Unbeatable Offers