“मैं तेरे काबिल बनकर लौटूँगा” कवि योगेश जाधम का पहला काव्य संग्रह है। इस किताब की हर कविता एक संघर्ष की कहानी है। 4 साल की उम्र में आँखों की रोशनी चली गई, पर हौसले की रोशनी कभी नहीं बुझी। इसी हौसले और प्रेरणा से ये शब्द निकले हैं। इस संग्रह में प्रकृति की सुंदरता है, अपनों के प्रति कृतज्ञता है और भगवान श्री कृष्ण के प्रति अटूट भक्ति है। लेखक ने सादगी से भरे जीवन और सामाजिक प्रेम की भावनाओं को बहुत सरल शब्दों में उतारा है। यहाँ प्रेम सिर्फ रिश्तों का नहीं है, बल्कि मानवता का पहला धर्म है। कुछ कविताओं में उम्मीद है, कुछ में दर्द है, और कुछ में वो शक्ति है जो टूटे हुए को भी जोड़ देती है। लेखक का मानना है कि “जो आँखों से नहीं देख सकते, वो शब्दों से दुनिया बदल सकते हैं।” इसी सोच के साथ लिखी हर पंक्ति पाठक को जीने की नई वजह देती है। ये किताब उन सभी पाठकों और साहित्य प्रेमियों के लिए है जो मानते हैं कि सच्ची काबिलियत परिस्थितियों से नहीं, हिम्मत से बनती है।
POETRY / General
Main Tere Kabil Bankar Lautunga
₹199.00
By: Yogesh Jadham (Pagal)
ISBN: 9789366652559
Language: Hindi
Pages: 66
Format: Paperback
Category: POETRY / General
Delivery Time: 7-9 Days





Reviews
There are no reviews yet.