Purva Grah: The Untold Misunderstanding Talk

Rated 5.00 out of 5 based on 1 customer rating
(1 customer review)

₹299.00

By: Praveen Kumar Verma

ISBN: 9789366652030

Language: Hindi

Pages: 128

Format: Paperback

Category: FICTION / Romance / Contemporary

Delivery Time: 7-9 Days

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यह कहानी रमण नामक व्यक्ति के जीवन में प्रेम संघर्ष और पश्चाताप की कथा प्रस्तुत करती है। रमण अपनी अतीत की यादों में खोकर अपने कॉलेज के दिनों को याद करता है जहां उसकी मुलाकात नरेश शर्मा से होती है। नरेश एक सरल भावुक और निराश स्वभाव का युवक था। बाद में रमन की मुलाकात स्वाति से होती हैं और उसके सहयोग से नरेश अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ता है। पढ़ाई पूरी कर सफलता प्राप्त करने के बाद नरेश और स्वाति के संबंधों में दूरी आने लगती है और उनके जीवन में कई उतार-चढ़ाव आते हैं। कहानी में प्रेम, त्याग, गलतफहमियों और सामाजिक परिस्थितियों का गहरा चित्रण किया गया है। स्वाति नरेश के प्रति समर्पित होती है परंतु परिस्थितियों उनको अलग अलग कर देती है। इस दौरान एक ऐसी घटना घटित होती है जो नरेश के जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है तथा उसकी मृत्यु तक का कारण बनती है। बरसों बाद जब रमण अपने अतीत को याद करता है तो उसे नरेश और स्वाति अधूरी प्रेम कथा, उनके बिछड़ने और संघर्ष का दर्द याद आता है। यह कथा मानवीय भावनाओं, सच्चे प्रेम, त्याग, मित्रता और जीवन की विडंबनाओ को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करती है।

1 review for Purva Grah: The Untold Misunderstanding Talk

  1. Rated 5 out of 5

    Kishor Bhati –

    Nice story

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