Dattatreya Sanhita: Shri Guru Dattatreya ke 54 Divya Rahasya

399.00

By: Kabir Shah

ISBN: 9789366654324

Language: Hindi

Pages: 278

Format: Paperback

Category: Philosophical & Spiritual Non-Fiction

Delivery Time: 7-9 Days

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“जब ज्ञान शब्दों से ऊपर उठकर अनुभव बन जाता है, जब साधना कर्मकाण्ड से आगे बढ़कर आत्मा का मौन संवाद बन जाती है, और जब गुरु किसी व्यक्ति का नाम न रहकर स्वयं चेतना का प्रकाश बन जाते हैं—तभी दत्तात्रेय का वास्तविक दर्शन प्रारम्भ होता है।” भारत की आध्यात्मिक परम्परा जितनी प्राचीन है, उतनी ही गहन भी है। इस परम्परा में वेदों का ज्ञान है, उपनिषदों का मौन है, ऋषियों का तप है, योगियों की साधना है और संतों का प्रेम है। इन्हीं दिव्य धाराओं के मध्य एक ऐसी अद्वितीय चेतना प्रवाहित होती है, जो किसी एक मत, पंथ, संप्रदाय अथवा युग की सीमा में बंधी नहीं है। वही चेतना श्री गुरु दत्तात्रेय के रूप में युगों से साधकों का मार्ग आलोकित करती आ रही है।

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